Showing posts with label Quotes. Show all posts
Showing posts with label Quotes. Show all posts

Friday, 15 December 2017

A P J Abdul Kalam Quotes in Hindi-ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल विचार

ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल विचार-A P J Abdul Kalam Quotes in Hindi


1. शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का ।

2. क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है |



3. कृत्रिम सुख की बजाये ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये ।

4. अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं। मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे ।

5. भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है ।

6. मैं इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता ।

7. महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं ।

8. अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो, मेरा दृढ़तापूर्वक  मानना  है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं। पिता, माता और गुरु ।

9. यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा ।



10. भारत में हम बस मौत, बीमारी, आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं ।

11. आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके ।

12. आकाश की तरफ देखिये। हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है ।

13. इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं ।

14. किसी भी धर्म में उसे बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना अनिवार्य नहीं बताया गया है ।

15. मुझे बताइए, यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं। हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते । क्यों ?



16. अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा ।

17. इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे ।

18. तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पे ना पहुँच जाओ- यही, अद्वितीय तुम हो। ज़िन्दगी में एक लक्ष्य रखो, लगातार ज्ञान प्राप्त करो, कड़ी मेहनत करो, और महान जीवन को प्राप्त करने के लिए दृढ रहो ।

19. उत्कृष्टता एक सतत प्रक्रिया है कोई दुर्घटना नहीं ।

20. अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो ।

21. पक्षी अपने ही जीवन और प्रेरणा द्वारा संचालित होता है ।

22. हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए ।

23. शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता है। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा ।

24. असली शिक्षा एक इंसान की गरिमा को बढ़ाती है और उसके स्वाभिमान में वृद्धि करती है। यदि हर इंसान द्वारा शिक्षा के वास्तविक अर्थ को समझ लिया जाता और उसे मानव गतिविधि के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाता, तो ये दुनिया रहने के लिए कहीं अच्छी जगह होती ।

25. जब बच्चे १५,१६, या १७ साल के होते हैं तब वे तय करते हैं कि उन्हें डॉक्टर, इंजिनियर या राजनीतिज्ञ बनना है या मंगल ग्रह या चंद्रमा पे जाना है, और ये वो समय होता है जब आप उन पर काम कर सकते हैं । आप उन्हें अपने सपनो को आकार देने में मदद कर सकते हैं ।

26. जब हम बाधाओं का सामना करते हैं, हम अपने साहस और फिर से खड़े होने की ताकत के छिपे हुए भण्डार को खोज पाते हैं, जिनका हमें पता नहीं होता कि वो हैं। और केवल तब जब हम असफल होते हैं हैं एहसास होता है कि संसाधन हमेशा से हमारे पास थे। हमें केवल उन्हें खोजने और अपनी जीवन में आगे बढ़ने की ज़रूरत होती है ।

27. एक सबक जो हर एक देश चीन से सीख सकता है वो है ग्रामीण स्तर के उद्यमों, उत्तम स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना ।

28. राष्ट्रपति पद का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। एक बार राष्ट्रपति चुन लिया जाए, तो वह राजनीति से ऊपर है ।

29. मेरा विचार है कि छोटी उम्र में आप अधिक आशावादी होते हैं और आपमें कल्पनाशीलता भी अधिक होती है, इत्यादि। आपमें पूर्वाग्रह भी कम होता है ।

30. जब तक भारत दुनिया के सामने खड़ा नहीं होता, कोई हमारी इज्जत नहीं करेगा। इस दुनिया में, डर की कोई जगह नहीं है। केवल ताकत ताकत का सम्मान करती है ।

31. जो अपने दिल से काम नहीं कर सकते वे हासिल करते हैं, लेकिन बस खोखली चीजें, अधूरे मन से मिली सफलता अपने आस-पास कड़वाहट पैदा करती है ।

32. हम केवल तभी याद किये जायेंगे जब हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित भारत दें, जो आर्थिक समृद्धि और सभ्यता की विरासत का परिणाम होगा ।

33. भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलना होगा, नैतिक मूल्यों के साथ एक समृद्ध व् स्वस्थ देश ।

34. दुनिया की लगभग आधी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और ज्यादातर गरीबी की हालत में। मानव विकास में ऐसी असमानता अशांति की प्रमुख वजहों में से एक रहा है, और विश्व के कुछ हिस्सों में हिंसा की भी ।



35. भारत बिना परमाणु हथियारों के रह सकता है। ये हमारा सपना है, और ये अमेरिका का भी सपना होना चाहिए ।

36. जीवन एक कठिन खेल है। आप एक व्यक्ति होने के अपने जन्मसिद्ध अधिकार को बनाये रखकर इसे जीत सकते हैं ।

37. मेरे लिए, नकारात्मक अनुभव जैसी कोई चीज नहीं है।

38. भारत के लिये मेरा 2020 विजन है- इसे एक विकसित राष्ट्र में बदल देना। ये भावात्मक नहीं हो सकता; यह एक जीवन रेखा है ।

39. हमें एक अरब लोगों के देश की तरह  सोचना और काम करना चाहिए, ना कि दस लाख आबादी वाले देश की तरह। सपने देखो, सपने देखो, सपने देखो |

40. एक लोकतंत्र में, देश की समग्र समृद्धि, शांति और ख़ुशी के लिए हर एक नागरिक की कुशलता, वैयक्तिकता और ख़ुशी आवश्यक है ।

41. मेरा बाल बढ़ता ही जाता है; आप इसे रोक नहीं सकते- ये बढ़ता रहता है, ये बेहिसाब बढ़ता है ।

42. देखिये, भगवान् केवल उन्ही की मदद करता है जो कड़ी मेहनत करते हैं। ये सिद्धांत बिलकुल स्पष्ट है ।

43. किसी विद्यार्थी की सबसे ज़रूरी विशेषताओं में से एक है पश्न पूछना। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने दीजिये ।

44. विज्ञान मानवता के लिए एक खूबसूरत तोहफा है; हमें इसे बिगाड़ना नहीं चाहिए ।



45. चलिए मैं एक लीडर को डिफाइन करता हूँ। उसमे एक विजन और पैशन होना चाहिए और उसे किसी समस्या से डरना नहीं चाहिये। बल्कि, उसे पता होना चाहिए कि इसे हराना कैसे है। सबसे ज़रूरी, उसे ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए ।

46. ईश्वर की संतान के रूप में, मैं मुझे होने वाली किसी भी चीज से बड़ा हूँ ।

47. जब वैज्ञानिक और रक्षा प्रौद्योगिकियों के लिए भव्य योजनाएं बनायीं जाती हैं, तो क्या सत्ता में बैठे लोग प्रयोगशालाओं और फील्ड में काम करने वाले लोगों के बलिदानों के बारे में सोचते हैं ?

48. जब आप अपने ऊपर लाइट बल्ब को देखते हैं, आप थॉमस अल्वा एडीसन को याद करते हैं। जब टेलीफ़ोन की घंटी बजती है, आप अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को याद करते हैं। मैरी क्यूरी नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं। जब आप नीले आकाश में देखते हैं, आप सर सी.वी. रमन के बारे में सोचते हैं ।

49. अब ऊँगली की एक क्लिक पर उपलब्ध जानकारी मुझे आश्चर्यचकित कर देती है ।

50. मैं हाई स्कूल में था जब पंडित जवाहरलाल नेहरु ने नयी दिल्ली में भारत का झंडा फहराया था ।

Thursday, 23 November 2017

Mother Teresa Biography in Hindi-मदर टेरेसा की जीवनी

कार्य: मानवता की सेवा, ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना

मदर टेरेसा की जीवनी-Mother Teresa Biography in Hindi




जन्म: 26 अगस्त, 1910, स्कॉप्जे, (अब मसेदोनिया में)

मृत्यु: 5 सितंबर, 1997, कलकत्ता, भारत
ऐसा माना जाता है कि दुनिया में लगभग सारे लोग सिर्फ अपने लिए जीते हैं पर मानव इतिहास में ऐसे कई मनुष्यों के उदहारण हैं जिन्होंने अपना तमाम जीवन परोपकार और दूसरों की सेवा में अर्पित कर दिया। मदर टेरेसा भी ऐसे ही महान लोगों में एक हैं जो सिर्फ दूसरों के लिए जीते हैं। मदर टेरेसा ऐसा नाम है जिसका स्मरण होते ही हमारा ह्रदय श्रध्धा से भर उठता है और चेहरे पर एक ख़ास आभा उमड़ जाती है। मदर टेरेसा एक ऐसी महान आत्मा थीं जिनका ह्रदय संसार के तमाम दीन-दरिद्र, बीमार, असहाय और गरीबों के लिए धड़कता था और इसी कारण उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन उनके सेवा और भलाई में लगा दिया। उनका असली नाम ‘अगनेस गोंझा बोयाजिजू’ (Agnes Gonxha Bojaxhiu ) था। अलबेनियन भाषा में गोंझा का अर्थ फूल की कली होता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि मदर टेरेसा एक ऐसी कली थीं जिन्होंने छोटी सी उम्र में ही गरीबों, दरिद्रों और असहायों की जिन्दगी में प्यार की खुशबू भर दी थी।

प्रारंभिक जीवन


मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त, 1910 को स्कॉप्जे (अब मसेदोनिया में) में हुआ। उनके पिता निकोला बोयाजू एक साधारण व्यवसायी थे। मदर टेरेसा का वास्तविक नाम ‘अगनेस गोंझा बोयाजिजू’ था। अलबेनियन भाषा में गोंझा का अर्थ फूल की कली होता है। जब वह मात्र आठ साल की थीं तभी उनके पिता परलोक सिधार गए,  जिसके बाद उनके लालन-पालन की सारी जिम्मेदारी उनकी माता द्राना बोयाजू के ऊपर आ गयी। वह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनके जन्म के समय उनकी बड़ी बहन की उम्र 7 साल और भाई की उम्र 2 साल थी, बाकी दो बच्चे बचपन में ही गुजर गए थे। वह एक सुन्दर, अध्ययनशील एवं परिश्रमी लड़की थीं। पढाई के साथ-साथ, गाना उन्हें बेहद पसंद था। वह और उनकी बहन पास के गिरजाघर में मुख्य गायिका थीं। ऐसा माना जाता है की जब वह मात्र बारह साल की थीं तभी उन्हें ये अनुभव हो गया था कि वो अपना सारा जीवन मानव सेवा में लगायेंगी और 18 साल की उम्र में उन्होंने ‘सिस्टर्स ऑफ़ लोरेटो’ में शामिल होने का फैसला ले लिया। तत्पश्चात वह आयरलैंड गयीं जहाँ उन्होंने अंग्रेजी भाषा सीखी। अंग्रेजी सीखना इसलिए जरुरी था क्योंकि ‘लोरेटो’ की सिस्टर्स इसी माध्यम में बच्चों को भारत में पढ़ाती थीं।

भारत आगमन




सिस्टर टेरेसा आयरलैंड से 6 जनवरी, 1929 को कोलकाता में ‘लोरेटो कॉन्वेंट’ पंहुचीं। वह एक अनुशासित शिक्षिका थीं और विद्यार्थी उनसे बहुत स्नेह करते थे। वर्ष 1944 में वह हेडमिस्ट्रेस बन गईं। उनका मन शिक्षण में पूरी तरह रम गया था पर उनके आस-पास फैली गरीबी, दरिद्रता और लाचारी उनके मन को बहुत अशांत करती थी। 1943 के अकाल में शहर में बड़ी संख्या में मौते हुईं और लोग गरीबी से बेहाल हो गए। 1946 के हिन्दू-मुस्लिम दंगों ने तो कोलकाता शहर की स्थिति और भयावह बना दी।

मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी


वर्ष 1946 में उन्होंने गरीबों, असहायों, बीमारों और लाचारों की जीवनपर्यांत मदद करने का मन बना लिया। इसके बाद मदर टेरेसा ने पटना के होली फॅमिली हॉस्पिटल से आवश्यक नर्सिग ट्रेनिंग पूरी की और 1948 में वापस कोलकाता आ गईं और वहां से पहली बार तालतला गई, जहां वह गरीब बुजुर्गो की देखभाल करने वाली संस्था के साथ रहीं। उन्होंने मरीजों के घावों को धोया, उनकी मरहमपट्टी की और उनको दवाइयां दीं।

धीरे-धीरे उन्होंने अपने कार्य से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इन लोगों में देश के उच्च अधिकारी और भारत के प्रधानमंत्री भी शामिल थे, जिन्होंने उनके कार्यों की सराहना की।

मदर टेरेसा के अनुसार, इस कार्य में शुरूआती दौर बहुत कठिन था। वह लोरेटो छोड़ चुकी थीं इसलिए उनके पास कोई आमदनी नहीं थी – उनको अपना पेट भरने तक के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ी। जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर उनके मन में बहुत उथल-पथल हुई, अकेलेपन का एहसास हुआ और लोरेटो की सुख-सुविधायों में वापस लौट जाने का खयाल भी आया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

7 अक्टूबर 1950 को उन्हें वैटिकन से ‘मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी’ की स्थापना की अनुमति मिल गयी। इस संस्था का उद्देश्य भूखों, निर्वस्त्र, बेघर, लंगड़े-लूले, अंधों, चर्म रोग से ग्रसित और ऐसे लोगों की सहायता करना था जिनके लिए समाज में कोई जगह नहीं थी।

‘मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी’ का आरम्भ मात्र 13 लोगों के साथ हुआ था पर मदर टेरेसा की मृत्यु के समय (1997) 4 हजार से भी ज्यादा ‘सिस्टर्स’ दुनियाभर में असहाय, बेसहारा, शरणार्थी, अंधे, बूढ़े, गरीब, बेघर, शराबी, एड्स के मरीज और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सेवा कर रही हैं

मदर टेरेसा ने ‘निर्मल हृदय’ और ‘निर्मला शिशु भवन’ के नाम से आश्रम खोले । ‘निर्मल हृदय’ का ध्येय असाध्य बीमारी से पीड़ित रोगियों व गरीबों का सेवा करना था जिन्हें समाज ने बाहर निकाल दिया हो। निर्मला शिशु भवन’ की स्थापना अनाथ और बेघर बच्चों की सहायता के लिए हुई।

सच्ची लगन और मेहनत से किया गया काम कभी असफल नहीं होता, यह कहावत मदर टेरेसा के साथ सच साबित हुई।

जब वह भारत आईं तो उन्होंने यहाँ बेसहारा और विकलांग बच्चों और सड़क के किनारे पड़े असहाय रोगियों की दयनीय स्थिति को अपनी आँखों से देखा। इन सब बातों ने उनके ह्रदय को इतना द्रवित किया कि वे उनसे मुँह मोड़ने का साहस नहीं कर सकीं। इसके पश्चात उन्होंने जनसेवा का जो व्रत लिया, जिसका पालन वो अनवरत करती रहीं।


सम्मान और पुरस्कार


मदर टेरेसा को मानवता की सेवा के लिए अनेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उन्हें  पहले पद्मश्री (1962) और बाद में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (1980) से अलंकृत किया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उन्हें वर्ष  1985 में मेडल आफ़ फ्रीडम 1985 से नवाजा। मानव कल्याण के लिए किये गए कार्यों की वजह से मदर टेरेसा को 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। उन्हें यह पुरस्कार ग़रीबों और असहायों की सहायता करने के लिए दिया गया था। मदर तेरस ने नोबेल पुरस्कार की 192,000 डॉलर की धन-राशि को गरीबों के लिए एक फंड के तौर पर इस्तेमाल करने का निर्णय लिया।

मृत्यु


बढती उम्र के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ता गया। वर्ष 1983 में 73 वर्ष की आयु में उन्हें पहली बार दिल का दौरा पड़ा। उस समय मदर टेरेसा रोम में पॉप जॉन पॉल द्वितीय से मिलने के लिए गई थीं। इसके पश्चात वर्ष 1989 में उन्हें दूसरा हृदयाघात आया और उन्हें कृत्रिम पेसमेकर लगाया गया। साल 1991 में मैक्सिको में न्यूमोनिया के बाद उनके ह्रदय की परेशानी और बढ़ गयी। इसके बाद उनकी सेहत लगातार गिरती रही। 13 मार्च 1997 को उन्होंने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के मुखिया का पद छोड़ दिया और 5 सितम्बर, 1997 को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के समय तक ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ में 4000 सिस्टर और 300 अन्य सहयोगी संस्थाएं काम कर रही थीं जो विश्व के 123 देशों में समाज सेवा में कार्यरत थीं। मानव सेवा और ग़रीबों की देखभाल करने वाली मदर टेरेसा को पोप जॉन पाल द्वितीय ने 19 अक्टूबर, 2003 को रोम में “धन्य” घोषित किया।

मदर टेरेसा के अनमोल विचार


1. मैं चाहती हूँ कि आप अपने पड़ोसी के बारे में चिंतित रहें। क्या आप अपने पड़ोसी को जानते हैं?
2. यदि हमारे बीच शांति की कमी है तो वह इसलिए क्योंकि हम भूल गए हैं कि हम एक दूसरे से संबंधित हैं।
3. यदि आप एक सौ लोगों को भोजन नहीं करा सकते हैं, तो कम से कम एक को ही करवाएं।
4. यदि आप प्रेम संदेश सुनना चाहते हैं तो पहले उसे खुद भेजें। जैसे एक चिराग को जलाए रखने के लिए हमें दिए में तेल डालते रहना पड़ता है।
5. अकेलापन सबसे भयानक ग़रीबी है।
6. अपने क़रीबी लोगों की देखभाल कर आप प्रेम की अनुभूति कर सकते हैं।
7. अकेलापन और अवांछित रहने की भावना सबसे भयानक ग़रीबी है।
8. प्रेम हर मौसम में होने वाला फल है, और हर व्यक्ति के पहुंच के अन्दर है।
9. आज के समाज की सबसे बड़ी बीमारी कुष्ठ रोग या तपेदिक नहीं है, बल्कि अवांछित रहने की भावना है।
10. प्रेम की भूख को मिटाना, रोटी की भूख मिटाने से कहीं ज्यादा मुश्किल है।


11. अनुशासन लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच का पुल है।
12. सादगी से जियें ताकि दूसरे भी जी सकें।
13. प्रत्येक वस्तु जो नहीं दी गयी है खोने के सामान है।
14. हम सभी महान कार्य नहीं कर सकते लेकिन हम कार्यों को प्रेम से कर सकते हैं।
14. हम सभी ईश्वर के हाथ में एक कलम के सामान है।
16. यह महत्वपूर्ण नहीं है आपने कितना दिया, बल्कि यह है की देते समय आपने कितने प्रेम से दिया।
17. खूबसूरत लोग हमेशा अच्छे नहीं होते। लेकिन अच्छे लोग हमेशा खूबसूरत होते हैं।
18. दया और प्रेम भरे शब्द छोटे हो सकते हैं लेकिन वास्तव में उनकी गूँज अन्नत होती है।
19. कुछ लोग आपकी ज़िन्दगी में आशीर्वाद की तरह होते हैं तो कुछ लोग एक सबक की तरह।

Sunday, 19 November 2017

Amazing Quotes About Shiv Khera In Hindi - शिव खेड़ा के अनमोल विचार

दोस्तों आप लोगो को पता ही होगा शिव खेडा के बारे में पता ही होगा इनकी कई किताबे है जैसे "जीत आपकी" इन्होने अपने विचार में बहुत सारी बाते कही है किसी को धोखा न दें क्‍योंकि ये आदत बन जाती है , और फिर आदत से व्यक्तित्व ख़राब हो जाता है |तो आइये हम आपलोगों को इनके कुछ अनमोल विचार बताते है .....

शिव खेड़ा के अनमोल विचार-Amazing Quotes About  Shiv Khera In Hindi



1. इन्स्पीरेशन  सोच  है जबकि मोटीवेशन (Motivation) कार्रवाई है |

2. सत्य का क्रियान्वन (Implementation) ही न्याय है |

3. जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने (Loser) वाले नुकसान |

4. बहुत सी चीजें एक बच्‍चे की परवरिश (Upbringing) पर निर्भर करती है |

5. अगर हम हल का हिस्सा नहीं हैं, तो हम समस्या (Problem)  हैं |

6. एक बेवकूफ (idiot) बिना सोचे समझे बोलता है और एक बुद्धिमान (intelligent) सोच समझकर |

7. आत्म-सम्मान और अहंकार (ego) का उल्टा सम्बन्ध है |

8. जो करना जरूरी है उसे पसंद करो |

9. विपरीत परिस्थितियों (circumstances) में कुछ लोग टूट जाते हैं , तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ते हैं |

10. जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द |

11. पैसा लोगों के जीवन में फर्क लाने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण साधन (tool) है |

12. जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को  अलग तरह से करते हैं |

13. एक देश नारे लगाने से महान नहीं बन जाता |

14. हमारी बिजनेस से सम्बंधित (related) समस्याएं नहीं होतीं, हमारी लोगों से सम्बंधित समस्याएं होती हैं |

15. सकारात्मक सोच के साथ सकारात्मक (postive) कार्यों का परिणाम सफलता है |

16. सत्य का क्रियान्वन ही न्याय (Justice) है |

17. जो  भी उधार (Borrowing) लें उसे समय पर चूका दें क्यूंकि इससे आपकी  विश्वसनीयता (Reliability) बढाती है |

18. अपने घटिया (rubbish) नजरिए का एहसास हो जाने पर भी हम उसे बदलते क्‍यों नहीं ?

19. दुनिया हमें वैसी नहीं दिखती (Looks like) जैसी वह है, बल्कि वैसी दिखती है, जैसे हम हैं |

20. विजेता बोलते हैं की "मुझे कुछ करना चाहिए" हारने वाले बोलते हैं की "कुछ होना चाहिए" |

21. लम्बी अवधि (Period) के निवेश  में आपको हर दिन के मैनेजमेंट की जरुरत नहीं होती है |

22. जो लोग जीतते हैं वह कोई अलग चीजों को अंजाम (execution) नहीं देते, बल्कि वो आम चीजों को खास अंदाज में पूरा करते हैं |

23. जीवन में ऊपर उठते समय लोगों से अदब (Respect) से पेश आए, क्‍योंकि नीचे गिरते समय आप इन लोगों से दोबारा मिलेंगे |

24. किसी को धोखा (betrayal) न दें क्यूंकि ये आदत बन जाती है , और फिर आदत से व्यक्तित्व |

25. चरित्र का निर्माण तब नहीं शुरू होता जब बच्चा  पैदा होता है , ये बच्चे के पैदा होने के  सौ  साल पहले से शुरू हो जाता है |

26. किसी भी प्रोडक्ट को बेचने के लिए 90 प्रतिशत  दृढ़ विश्वास जबकि 10 प्रतिशत प्रोत्‍साहन (Incentive) होना चाहिए |

27. अनजान होना शर्म (shame) की बात नहीं है लेकिन सीखने की इच्‍छा न होना शर्म की बात है |

28. सक्रिय रूप से राह दिखाने करने वाले अच्‍छे नेता (leader) होते हैं, और सक्रिय रूप से गलत राह दिखाने वाले बुरे (Bad) नेता होते हैं |

29. आप जितनी बहसें (Debate) जीतते है उतने मित्रों को खो देते हैं |

30. असफल होना कोई गुनाह (Guilt) नहीं है लेकिन सफलता के लिए कोशिश न करना जरूर गुनाह है |

Saturday, 18 November 2017

Ujjwal Paatni Quotes In Hindi-उज्जवल पाटनी के अनमोल विचार

आपलोगों को तो पता ही होगा उज्जवल पाटनी जी के बारे में तो आइये हम आपलोगों को बताते है उज्जवल पाटनी के अनमोल विचार जो आजतक आपने कभी भी सुना नहीं होगा .....

उज्जवल पाटनी के अनमोल विचार-Ujjwal Paatni Quotes In Hindi



1. रुकना मृत्यु है और चलना जिंदगी |

2. मंजिलें पैरों की ताकत से नहीं हौसलों (Freshness) की ताकत से हासिल होती है |

3. ज्यादा कहना और ज्यादा सहना दोनों ही नुकसानदायक (Harmful) है |

4. डरिए, घबराइए, हताश होइए ये सब स्वाभाविक (Natural) है। मगर फिर भी आगे बढ़िए और वो कार्य कीजिए, जिनको करना जरूरी है |

5. लोग सोचते (Thinks) ही रह गए और जिंदगी हाथ से निकल गई; कम सोचिए, ज्यादा करिए |

6. यदि कोई कहता है कि उससे कभी कोई गलती नहीं हुई तो समझिए (Understand) कि उसने कभी कोई नया कार्य नहीं किया |

7. जीत हो या हार, रहो तैयार (ready) |

8. जिंदा होने और जिंदादिली (Jocundity) होने में बहुत फर्क है |

9. बीते कल से सीखो, आने वाले कल का प्लान करो और आज डटकर (Bout) जियो |

10. जिनके जीवन में कोई सफलता नहीं, ऐसे ज्ञानी (The wise) की सलाह मानना घातक (Deadly) है |

11. किसी का "ना" सुनकर निराश मत होना, कुछ "ना" के बाद "हां" तुम्हारा इंतजार (waiting) कर रही है |

12. सफलता तब मिलती है जब आपके सपने आप के बहाने (Excuses) से बड़े होते हैं |

13. कम शिकायतें, कम बहाने और  कम टालमटोल (Deficit) सफलता पाने का यही मूल मंत्र है |

14. नालेज में किया गया "Investment" सबसे ज्यादा रिटर्न देता है, क्योंकि सारी समृद्धि (prosperity) वहीं से पैदा होती है |

15. बड़े निर्णय (Decision) लेते हुए डरना गलत नहीं है, डर के कारण बड़े निर्णय ना लेना गलत है |

16. सिर्फ सोच ही इतनी शक्तिशाली (Powerful) होती है जो सही और गलत में भेद कर सकती है, जो व्यक्ति ऊपर उठा सकती है और नीचे गिरा (Dropped) सकती हैं |

17. जीवन में सबसे बड़ी ख़ुशी उस काम को करने में है, जिसे लोग कहते हैं कि तुम नहीं कर सकते हो |

18. दूसरों की मदद करते हुए, यदि दिल में खुशी हो तो वही सेवा है बाकी सब दिखावा (show off) है |

19. कुछ ऐसा काम करें कि आपके "Parents" अपनी प्रार्थना में कहें हर जन्म में आपके जैसी संतान मिले |

20. सफलता के लिए जीनियस से कहीं ज्यादा जरूरी, कॉमनसेंस (common sense) होना |

21. दूसरों को बर्बाद (Ruin) करके बड़ा बनने की सोच रखने से बेहतर है। खुद बड़े हो जाइए, कि दूसरे स्वयं (Self) छोटे हो जाएंगे |

22. संसार में दो तरह के लोग हैं, वो जो जीवन के हर पल को जिंदादिली (Jocundity) से जी रहे हैं। दूसरे वो जो इसलिए (Hence) जी रहे हैं क्योंकि वह मरे नहीं है |

23. जिंदगी में चौके (Rounds) लगाने के लिए मौके का इंतजार मत कीजिए। खुद मौका (opportunity) बनाइए और चौका लगाइए |

24. हम हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि हमारे पास क्या नहीं है। हम इस बारे में बहुत कम सोचते हैं कि हमारे पास कितना है |

25. मोटिवेशन भोजन की तरह है एक बार में हजम (Digest) नहीं होती। अतः बार-बार आपको "Regular" अंतराल में मिलनी चाहिए |

26. बिना प्रयास के सिर्फ आप नीचे गिर सकते हैं, ऊपर नहीं उठ सकते। यही गुरुत्वाकर्षण (Gravity) का भी नियम है और जीवन का भी |

27. किसी भी अच्छी "Idea" के लिए कोई बुरा वक्त (time) नहीं होता, किसी भी बुरे "Idea" के लिए कोई भी वक्त अच्छा नहीं होता |

28. सफलता मुझे घमंड (boasting) में चूर ना करें और असफलता में मुझ में हीनभावना (Inferiority complex
) ना भरे; मैं ऐसी श्रेष्ठता (Superiority) पाना चाहता हूं |

29. औसत टीम एक सुपर "Idea" को औसत (Average) बना सकती है, शानदार टीम एक औसत "Idea" को सुपर  बना सकती है |

30. हर व्यक्ति किसी ना किसी क्षेत्र में जीनियस होता है; किसी को जल्दी पता लगता है तो किसी को देर से |

31. हर वक्त स्वयं को एहसास दिलाइए कि आप एक "Important" इंसान है और ईश्वर ने आपको किसी खास मकसद (Motive) से इस दुनिया में भेजा है |

33. मृत्यु के बाद अपनी श्रद्धांजलि (tribute) में क्या सुनना चाहेंगे? जो सुनना चाहेंगे, वैसी ही जिंदगी आज से जीना शुरु कीजिए |

34. यदि आप मेरे पास आकर किसी और की बुराई करते हैं, तो मुझे कोई संदेह (Doubt) नहीं कि आप दूसरों के पास जाकर मेरी बुराई (evil) करते होंगे |

35. कुछ क्षणो के "temporary" तनाव से परेशान (worried) होकर कोई ऐसा कदम मत उठाइए। जिससे जिंदगी में परमानेंट तनाव हो जाए |

Monday, 4 September 2017

शिक्षक के सुविचार Teachers Quotes In Hindi

1. शिक्षक में दो गुण तो सामिल ही होते हैं – एक जो लोगो को डरा कर नियमों में बाँधकर एक सटीक इंसान बनाते हैं , और दूसरा जो आपको खुले में छोड़ कर आपको रास्ते का प्रशस्त करते जाते हैं ।

2. शिक्षक का महत्व जन्म देने वालो से बड़ा होता है ,क्योकि किसी व्यक्ति को ज्ञान ही इंसान बनाता है और जीने के लिए जीवन देता है ।



3. शिक्षक खुद काम करके दिखता है वह किताबी ज्ञान देता है ,और लोगो को बिस्तर से समझता है और रास्ता दिखता है ,शिक्षक उसपे चलने के लिए आपको छोड़ देता है कि आप व्यक्तित्व बना सके ।

4. आज के युग के समय में आपका जो बिरोध करता हो वो ही आपका सबसे अच्छा शिक्षक हैं ।



5. एक बेहतर शिक्षक सफलता का चढ़ाव नहीं अपितु असफलता की ढलान हैं ।

6. जो लोग सफलता तक नही पहुच पाते है और नीचे गिर जाते है वे लोग वास्तव में ही शिक्षक होते है ,क्योकि जब वे वापस अपना नया रास्ता बनाते है तो उन्हें आंतरिक डर नही सताता है ।

7. एक सच्चे शिक्षक का परिचय यह है कि वह अपने शिष्य को उसके वास्तविक गुणों तथा अवगुणों से उसका परिचय करवाये।

8. एक शिक्षक की ही भूमिका हर किसी की सफलता की नींव में अवश्य होती हैं , बिना किसी के बताये किसी भी ऊँचाई तक पहुंचना असम्भव हैं ।

9. हम एक अच्छे व्यक्तित्व के लिए हम एक शिक्षक के ऋणी होते हैं ,परन्तु हम अपने जीवन के लिए माता पिता के ऋणी भी होते हैं ।

10. सही तरीके से समय तथा अनुभव ही हमारे प्राकृतिक शिक्षक हैं, समय का हर एक लम्हा शिक्षा ही देता है ।



11.एक सफल शिक्षक वही हैं जिसमे सकारात्मकता तथा शहनशीलता होती हैं ।

12. माता ही जीवन की वास्तविक शिक्षिका होती हैं क्यूंकि वही हमें करुण और आदर का भाव देती हैं ।